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स्वामी जी कागज़ और कलम ले कर बैठ गए...

"पहाडी, घाटी, पर्वतश्रेणियों में, मन्दिर, गिरजा, मस्जिद, वेड, बाइबल, कुरान, तुझे खोजा, इन सब में--व्यर्थ ! सघन वनों में भूले शिशु सा रोया--एकाकी रोया, तुम कहा गए प्रभु, प्रिय?" चले गए॥!!! कहा ध्वनि ने| ::स्वामी विवेकानंद:: FROM : TORO KARA TORO-IV 294