त्रिवेणी..उनकी याद मे


~रात तारा टूटा था
तुम हमे मांग लिया करते थे...
के अब हम "हम" न रहे !::
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~एक लड़की को कल बाज़ार मे सब्जी खरीदते देखा,
"तुम" नज़र आ गए...

शायद चश्मे का नम्बर बदलना है!::
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~खाना बनाते वक्त तुम्हारा हाथ जल जाता था,
तुम मुझे बताते थे, मुझे फिक्र होती थी...

मे खाना बनाता हूँ...हाथ नहीं जलते!::
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~तुम्हे देखा देखी, मेने भी चश्मा बनवा लिया था,
"अब" तुम्हे इसकी ज़रूरत नहीं...

पर mera तो इसके बिना kaam चलता नहीं!::
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~तुम्हारी वो कैसेट "तुम बिन"
आज भी मेरे पास पड़ी है...

तुम बिन पे "स्याही" गिर गयी है!::
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~तुम्हे "सोनू निगम" अच्छा लगता था,
और सारे दोस्त मुझे "निगम साब" बुलाते थे...

अब मेरा नाम लिया करते है!::
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~"मेरे" उनके बारे मे तुमने बहुत कुछ सुन रखा था,
तुम बहुत परेशां हुआ करती थी...

उन्होने अपने "बॉय फ्रेंड" से शादी कर ली है!::
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~हम तुम पूरी-पूरी रात जगा करते थे,
और अगले दिन स्कूल मे मिल लिया करते थे...

अब ऑफिस मे नींद आती है!::
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~बारिश आती थी,
रोया करते थे...

अब उसकी ज़रूरत नहीं,
कमरे मे बैठा करते है!::
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~उम्मीद "तुम्हारी" मेरे साथ,
उम्मीद "मेरी" तुम्हारे साथ।
उम्मीद "उनकी" तुम्हारे साथ॥
मैने उम्मीद करना छोड़ दिया है!::
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टिप्पणियाँ

Kai ek triveniya to kafi sundar ban Padhi hai....
~एक लड़की को कल बाज़ार मे सब्जी खरीदते देखा,"तुम" नज़र आ गए...

शायद चश्मे का नम्बर बदलना

तुम पूरी-पूरी रात जगा करते थे,और अगले दिन स्कूल मे मिल लिया करते थे...

अब ऑफिस मे नींद आती है!::
कुश ने कहा…
अब ऑफिस मे नींद आती है!::
अच्छी त्रिवेणी है..
बाकी की त्रिवेनियो में ख्याल आच्छा है परंतु अभी बहुत काम बाकी है.. इन्हे त्रिवेणी नही कहा जा सकता.. लिखा अच्छा है तोड़ा समय देकर लिखे बढ़िया बन पड़ेगी.... पढ़कर लगा व्यक्तिगत अनुभव है.. क्या वाकई ऐसा है?
Piyush k Mishra ने कहा…
abhi triveni mein bahut mehnat karni hogi archit.khyaal saare achhe hain magar Triveni utni achhi nahin ban paaye hai.

तुम पूरी-पूरी रात जगा करते थे,और अगले दिन स्कूल मे मिल लिया करते थे...

अब ऑफिस मे नींद आती है!::


yeh triveni achhi ban padi hai bas.
Advocate Rashmi saurana ने कहा…
vakai bhut sundar likh hai. badhai ho.

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